समुन्दर का शिकारी : सम्राट मार्टिन की सल्तनत(भाग - 11)
ड्रैगन्स का नाम सुनते ही सब अपना काम छोड़कर रॉन की तरफ़ देखने लगे...
"तुम्हे कैसे पता की, वो ड्रैगनस फिर से आएंगे..." सब डर के मारे एक साथ चिल्लाये...
"अब आए ना लाइन पे...अब मै तुम लोगो को इग्नोर मारूंगा "कहकर रॉन दूसरी तरफ मुड़ गया...
"रॉन, तु इन्हे डरा क्यों रहा है... तुम सब घबराओं मत.. सभी अपना अपना काम करो.. इसका क्या.. इसे तो बकवास करने की आदत है "सेठ वापस अपने आदमियों को काम पर लगाते हुई बोला और रॉन को वहा से थोड़ी दूर ले आया...
"अगली लड़ाई के लिए तुम्हारा सुझाव..."सेठ ने रॉन से पूछा...
"सुझाव...?"
"मतलब यदि तुम इस जहाज के कैप्टन होते तो क्या तैयारी करते..."
"पर वो तो मै नही हु.. और जो मै नही होता मै उस बारे मे नही सोचता... ये तो तुम लोगो को पहले सोचना चाहिए था...उस लपरझंडू नायर को कप्तान बनाने से पहले और उसके बाद तुझ लपरझंडू को कप्तान बनाने से पहले.. वैसे कभी मानव ड्रैगन के बारे मे सुना है..?"
"जब भी मै तुझे इज्जत देने की सोचता हु.. तु... "अपनी बेइज्जती रॉन से सुन सेठ वहा से जाने लगा
"मैने कहा मानव ड्रैगन के बारे मे सुना है.."
"मानव ड्रैगन...?"
"हा.. एक मानव बड़े से विशाल खूंखार ड्रैगन पर सवार रहता है.. वो कभी कभार ही बाहर आता है.. "
"कुछ भी... हट "
"मत मान.. मुझे क्या... आखिरी बार भी तुम लोग मेरी बात पर यकीन नही किये थे.. नतीजा देख ही लिया.. "
इतना बोलकर रॉन वहा से जहाज के अंदर रिया के कमरे की तरफ बड़बड़ाते हुए जाने लगा...
"मानव ड्रैगन से बच भी गये तो उस ड्रैगन धारक से कैसे बचेंगे... जिसका आधा शरीर ड्रैगन का रहता है और आधा इंसान का... कतई भयानक मंजर रहता है वो... शायद ड्रैगन धारक विलुप्त हो गये हो..."
इधर रिया, रॉन द्वारा छले जाने और अपने शरीर को धोकर अपने कमरे से बाहर ही निकल रही थी.. की रॉन वहा पहुंच गया और जब उन दोनों की नज़रे मिली तो जहा रॉन मुस्कुराने लगा, वही रॉन को देखते ही रिया के शरीर कि पीड़ा एक बार फिर उसे महसूस होने लगी.. जो कि रॉन ने कुछ देर पहले उसे दी थी.. रिया का शरीर अब भी दर्द मे था.. ऊपर से रॉन को सामने देखना... यदि रॉन कि जरूरत ना होती रिया को तो वो उसे जिन्दा जलवा देती या जिन्दा कटवा देती... लेकिन उसकी भी मजबूरी थी..
"हट जा, मेरे सामने से... हरामजादे "
"अभी तक नाराज़ हो जानेमन... मै यहाँ तुम्हे कुछ दिखाने आया था.. बन्दूक देखना है ना तुम्हे.."
जवाब मे रिया चुप ही रही... रिया को लगा की रॉन के पास अब भी उसकी बन्दूक है और उसने कुछ देर पहले अपने कमरे मे उससे झूठ कहा था की उसकी बन्दूक समुन्दर मे गिर गई है.. उसकी आँखों मे चमक आ गई..
"दिखाओ मुझे.. अपनी बन्दूक.."
"ये देखो... "कहकर रॉन अपना हाथ अपने पैंट की तरफ ले गया और बोला "ये देखो, बन्दूक...🤣. तुम भी मस्त नहा -धोकर , सज संवर कर तैयार हो गई हो .. क्या बोलती हो..? हो जाए एक और बार....?"
"साले कुत्ते... तु सुन मेरी बात.. दोबारा तूने मेरे साथ ऐसी हरकत की तो बेलाडोना के नीचे फेकवा कर कटवा दूंगी तुझे भी और तेरी उस बन्दूक को भी, जिसकी तरफ तु अभी इशारा कर रहा है... फिर चाहे जो हो बेलाडोना को या फिर मुझे... मुझे कोई परवाह नहीं. समझा.. हरामी कि औलाद.."
"बड़े बड़े जहाजो पर अक्सर ऐसी छोटी छोटी बाते होती रहती है, तुम अपना दिल छोटा मत करो... जैसे तुम्हारे बड़े बड़े है.. वैसे अपने दिल को भी बड़ा करो... खैर, मै यहाँ ये पूछने आया था की हम इतना जान का जोखिम लेके आखिर डेविल्स ट्राइंगल जा क्यों रहे है..? ये तुमने अभी तक नही बताया... क्या मिलेगा तुम्हे वहा...?"
"वो तो तुझे ज़िन्दगी भर मालूम नही चलेगा.... हरामी "
"सच...? यानी तुम पूरी ज़िन्दगी मेरी साथ रहोगी... पर यदि ऐसा होने वाला है तो मेरी कुछ शर्ते है. तुम्हे अपने मुँह से भी मुझे संतुष्ट करना पड़ेगा... आ करो तो.. देखु तुम्हारे मुँह का साइज क्या है......"
रिया, रॉन की अश्लीलता का कोई जवाब ना देना ही ठीक समझी और अमन ही मन रॉन को गालिया बकते हुई वहा से चली गई.
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"अब तुम दोनों मे से कोई भी कुछ भी.. बोला तो.. इस बार दोनों को यही फेक कर मै वापस अपने आइलैंड चला जाऊंगा..."नाव मे वापस आकर अपने गीले वस्त्र उतारते हुए राज ने नायर और आदित्य को चेतावनी दी...
"ओये डोनाबेला के कप्तान.. अपने कपडे निकाल दे, वरना ठंडी मे तु खुद मर जायेगा.. मुझे, तुझे मारने की जरूरत नही पड़ेगी.."आदित्य ने ठिठुर रहे नायर से कहा
"तुम नेवी से नही हो... इस कपडे की कुछ शान है.. और एक कैप्टन अपने कपड़े कभी नही उतारता.."
"काहे का कैप्टन बे.. यदि तु कैप्टन है तो फिर तेरा शिप कहा है... कही तू इस छोटी से नाव का तो कैप्टन नही. हे हे हे "
"तुम दोनों फिर चालू हो गए... अरे ये क्या है सामने... इतना बड़ा जहाज... मैने आज तक नही देखा..."
राज के इतना बोलने पर नायर और आदित्य की नज़र उस तरफ गई जिधऱ से एक विशाल जहाज उनकी तरफ आ रहा था...... नायर कुछ देर तक उस जहाज को देखता रहा और फिर अचानक ख़ुशी से उछल पड़ा.
"यही है बेलाडोना... मेरा जहाज... येय... अब सबसे पहले जाकर उस जंगली को बाहर फेकूंगा..."
"उस जंगली को बाद मे फेकना... पहले पीछे देख... फट जाएगी.."
नायर पीछे मुड़कर देखा... जिस बेलाडोना को देखकर वो ख़ुशी से उछाल मार रहा था. उस बेलाडोना जितने बड़े - बड़े आसमानी दरिंदे उसी तरफ आ रहे थे....
"ये ड्रैगन्स, हमारे आइलैंड के इस तरफ कभी नही आते.. इन्होने अपनी सीमा कैसे पार कर दी..?? इस तरफ तो इनका आना मना है...? अब गए काम से..."राज अपनी उंगलिया चबाते हुई बोला...
"देख भाई, ये नियम कानून बताने का वक़्त नही है... सालो ने कुछ दिन पहले मुझे और मेरे आदमियों को घेर कर मारा था...फुल बेइज़्ज़ती की थी मेरी.. वो बात अलग है कि तिकड़म लगा कर मै बच निकला... यदि बात आए खुद को बचाने कि तो मै आज भी बच ही जाऊंगा... लेकिन बेलाडोना तो गया काम से आज..."आदित्य के मन मे कुछ दिन पहले उसके जहाज पर हुआ हमला अब भी ताजा था
"हमें जल्द से जल्द बेलाडोना मे पहुंचना पड़ेगा .. तभी हम खुद को और बेलाडोना को बचा सकते है.... मेरे बिना बेलाडोना डूब जायेगा.. सेठ काबिल है, पर वो अकेला इनका मुक़ाबला नहीं कर पायेगा. उसे मदद कि जरूरत पड़ेगी. मेरे जहाज पर ना होने से उधर बेलाडोना ध्वस्त होगा और इधर हम इन समुद्री दरिंदो का निवाला बनेंगे..."नायर बोला
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बेलाडोना जिस तरफ बढ़ रहा था, रॉन उसी तरफ खड़ा आने वाले समुद्री तूफ़ान का जायजा ले रहा था, उसे इस तूफ़ान कि भनक शायद बहुत पहले ही लग चुकी थी की अब आगे क्या होने वाला है... कौन आने वाला है...
"आज वो मानव ड्रैगन भी आया है, लगता है... आज तो बेलाडोना को ऊपर वाला ही बचाएगा.. बेलाडोना को छोड़ अपनी सोच.. रॉन... तुझे कौन बचाएगा...? यदि उस मानव ड्रैगन से बच भी गया तो बेलाडोना वाले खुन्नस मे तुझे जिन्दा जला देंगे... और उस आग को चिंगारी स्वयं रिया देगी "
ये ख्याल आते ही रॉन जहाज के अंदर भागा और जहा कुछ लोग थे वहा चिल्लाकर बोला "कामचोरो.. जितना बन्दूक, बारूद है सब लेकर बाहर चलो... हमले की तैयारी करो... ड्रैगन्स का हमला होने वाला है.. कहा मर गए बाकि के.. सबको बुलाओ..."
ड्रैगन्स का नाम सुनते ही पुरे जहाज मे अफरा तफरी मैच गई.. सब इधर उधर भागने लगे.. जिसे जो मिला, जितना गोला बारूद मिला वो सब लेकर बाहर डेक कि तरफ भागे......
"ये हंगामा क्यों.. रॉन "
"पीछे देखो, हमारी मौत के मेहमान आ रहे है "
जिस तरफ से ड्रैगन्स का काफिला आ रहा था, उस तरफ देख सबकी साँसे अटक गई, उनमे से कुछ ड्रैगन्स तो इतने विशाल और खूंखार लग रहे थे की बेलाडोना तक को निगल जाए... मतलब जहाज से भी बड़े ड्रैगन्स....
"रॉन, मैने तुझसे कहा था की मुझे अपनी गन मुझे दिखा दे लेकिन तु नहीं माना.. अब इन ड्रैगन्स का मुकाबला कैसे करें.. जो हमारे जहाज से भी बड़े है.."
"अभी वो पास नही है, कैप्टन.. इसलिए इतने छोटे दिख रहे है..."
"तुझे ये छोटे दिख रहे है..?"
"कैप्टन.. वो अभी बहुत दूर है.. वरना वो इतने बड़े है कि.. यदि उनमे से एक भी हमारे जहाज पर कूदा तो .. उसके आहट मात्र से तुम्हारा ये जहाज डूब जायेगा.. "
"तुम डराना बंद करोगे..? वो भी झूठ बोलकर.."
"झूठ...?"रॉन ने वही पास खड़े एक आदमी से उसकी बन्दूक ली और अगले ही पल बन्दूक को सेठ पर तान दिया.. जहाज मे मौज़ूद सभी लोग ये देख अचंभित रह गए की रॉन ये क्या कर रहा है... जब रॉन ने बन्दूक सेठ पर ताना तो बाकी जहाजियो ने अपनी -अपनी बन्दूक तुरंत रॉन पर तान दी...
"रॉन , पागल हो गया क्या..? मैने ऐसा क्या कह दिया.."
"अये, चपड़गंजु... सामने से हट.. ड्रैगन्स पर निशाना लगा रहा हु..."
बन्दूक कि नली से सेठ को हटाते हुए जिधऱ से ड्रैगन आ रहे थे, रॉन ने उस तरफ कई गोलिया चलायी, लेकिन ड्रैगन्स के तरफ कोई हलचल नही हुई...
"देखा.. इतनी गोलिया चलाने के बावजूद उस तरफ कोई हलचल नही हुई.. यानि वो अभी हमारे बन्दूको के रेंज से भी दूर है, यानी वो अभी बहुत दूर है जब पास आएंगे तो और भी बड़े हो जायेंगे. वो अभी तो दूर है, पर ज्यादा देर तक नही.. वो तेजी से इस ओर ही आ रहे है और बहुत जल्द बेलाडोना को तबाह कर देंगे. हम मे से कोई भी ज़िंदा नही बचेगा.. सिवाय मेरे "
"सिवाय तेरे..? तूने खुद को समझ क्या रखा है... और एक मिनट.. जब बेलाडोना ही नही बचेगा जैसा की तु कह रहा है तो तु कैसे बचेगा..? क्या तु तैर कर समुन्दर पार करेगा बेवकूफ "
"ये सवाल तुम्हे रिया से करनी चाहिए.. उसे मेरी ताक़त का भरपूर अंदाजा करवाया है मैने थोड़ी देर पहले... क्यों जानेमन.. सही कहा ना.. क्या हुआ.. ऐसी शक्ल क्यों बना रही हो..? मजा नहीं आया क्या..? हा हा हा और रही बात मेरे जिन्दा बचने की तो एक बात जान लो.. कप्तान सेठ... रॉन उस चिड़िया का नाम है, जो समुन्दर मे तैरती हुई एक छोटी से मछली को देखकर ये बता सकता है की वो किस तरफ मुड़ेगी.. उम्मीद है तुम सबको कुछ समझ नही आया होगा "
"Ayiiii.. ड्रैगन चाकू मार रहे है नीचे से....."रेलिंग के पास खड़ा एक जहाजी चिल्लाया और अपने कमर के नीचे पिछवाड़े मे धंसा हुआ चाकू बिलखते हुए सबको दिखाने लगा...
"ये... क्याआ.... कैसे..." उस जहाजी के पिछवाड़े मे चाकू धंसा देख रिया बस इतना बोल पाई थी कि एक और चाकू नीचे से उड़ते हुए उस शख्स के दूसरे पिछवाड़े मे जा घुसा... वो फिर से चिल्लाया और ड्रैगन्स को गालिया देने लगा....
"चाकू.. ड्रैगन्स नहीं बल्कि एक कश्ती मे सवार कुछ लोग मार रहे है... लगता है साले, ड्रैगन के दलाल है... भून दू क्या, इन सालो को.."जिस तरफ से चाकू आ रहा था, उसी तरफ खड़े एक जहाजी ने नीचे देखकर कहा और अपनी बन्दूक तान दी...
उसके इतना बोलते ही वहा मौज़ूद सभी लोग अपनी -अपनी बन्दूक लेकर जहाज के उस ओर गए और नीचे देखने लगे...
"रिया मैडम.. ये तो शायद कप्तान नायर है और उनके साथ दो और नमूने भी है "एक जहाजी नीचे देखकर जोर से चिल्लाया और नायर को देख खुश भी हो गया
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Zaifi khan
30-Nov-2021 06:54 PM
Good
Reply
Khushi jha
27-Oct-2021 06:38 AM
बहुत सही
Reply
Swati chourasia
03-Sep-2021 06:12 PM
Very beautiful
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